✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
जीरादेई (सिवान): प्रखंड के विजयीपुर गांव के पंचशील नगर में मंगलवार को हवनयज्ञ के साथ 2024 की विदाई और 2025 के स्वागत में देश में शांति व सद्भावना की कामना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत माता-पिता की सेवा का प्रतीक ध्वज फहराने से हुई। इसके बाद “पहचान” पुस्तक का पाठ कर उपस्थित लोगों ने माता-पिता की सेवा का संकल्प लिया।
सभी प्रतिभागियों ने साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रार्थनाएं लिखीं और गायन प्रस्तुत किया। साथ ही, नित्य मालिक व माता-पिता की प्रार्थना लिखकर समाज में सकारात्मक योगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आंचल की सचिव आरती सिंह ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर न कोई सेवा है और न कोई पूजा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस परिवार में माता-पिता दुःखी रहते हैं और पुत्र उनका सम्मान नहीं करता, वहां शांति और सुख संभव नहीं है। आरती सिंह ने जीवन को एक नाटक बताते हुए समय व ऊर्जा को सही दिशा में खर्च करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता किए बिना बेहतर प्रयास करते रहना कर्मशील मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है।

