✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में नार्मलाइजेशन के खिलाफ इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा ने संयुक्त रूप से शहर में विरोध मार्च निकाला। यह मार्च गोपालगंज मोड़ से शुरू होकर पटेल चौक होते हुए जेपी चौक पर एक सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव जयशंकर पडित ने नार्मलाइजेशन को वापस लेने और गिरफ्तार छात्र नेता की रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह नीति परीक्षा प्रणाली को कमजोर करने और छात्रों के साथ अन्याय करने वाली है।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष उपेंद्र गोंड, आइसा के राज्य सहसचिव प्रिंस पासवान, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र साह, राष्ट्रीय कमिटी के सदस्य विकास यादव और मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित गोंड ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियां लगातार छात्रों और नौजवानों को परेशान कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नार्मलाइजेशन के जरिए दलितों, पिछड़ों, गरीबों और अल्पसंख्यकों को अधिकारी बनने से वंचित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
मार्च में विशाल यादव, सुबीस राम, राजा प्रसाद, राजू, सतेंद्र, संजीव, सोनू समेत कई नौजवान शामिल थे।

