✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
शहर के तीन सौ से अधिक मरीजों को जागरूक कर रही रिया, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य
सीवान: “एक समय ऐसा था जब मुझे लगा कि मैं अब जिंदा नहीं बचूंगी। लगातार खांसी, बुखार और सीने में दर्द से परेशान होकर मैंने कई निजी डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दवाओं और इलाज पर खर्च बढ़ता गया, जिससे आर्थिक संकट भी झेलना पड़ा। आखिरकार, सरकारी अस्पताल पहुंचने के बाद सही जांच और दवाएं मिलीं, जिससे नौ महीने में पूरी तरह ठीक हो गई,” ये कहना है सीवान की 21 वर्षीय रिया कुमारी का, जो चार वर्षों तक टीबी से जूझने के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
अब रिया खुद टीबी चैंपियन बनकर शहर के तीन सौ से अधिक टीबी मरीजों को जागरूक कर रही हैं। वह न केवल रोगियों को दवा, जांच और उचित उपचार की सलाह दे रही हैं, बल्कि संतुलित आहार और पोषण का महत्व भी समझा रही हैं, ताकि वे जल्द स्वस्थ हो सकें।
रिया की मां सीमा देवी बताती हैं कि दवा के साथ-साथ उन्होंने रिया के लिए हरी सब्जियां, फल, अंडे, चना, गुड़, दूध जैसे पोषणयुक्त आहार की व्यवस्था की, जिससे वह जल्द ठीक हो गईं।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा, “देश से टीबी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य टीबी चैंपियन का मुख्य उद्देश्य होता है, क्योंकि वे खुद इस बीमारी को हराकर स्वस्थ जीवन जी रहे होते हैं। उनकी भूमिका जागरूकता बढ़ाने और अन्य मरीजों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण होती है।”

