✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
रोकथाम, नियंत्रण और उपचार के लिए उठाए जा रहे कदम: डॉ. ओपी लाल
सीवान में एईएस (तीव्र इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर सदर अस्पताल के समीप जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय द्वारा दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में जागरूकता अभियान के माध्यम से संभावित रोगों की रोकथाम और उनके बचाव के उपायों से लोगों को परिचित कराना था।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल ने बैठक के समापन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में एईएस और जेई जैसी बीमारियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। इसके तहत रोकथाम, नियंत्रण और उपचार के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उपचार संबंधी तैयारियों को प्राथमिकता दी गई है।
इस मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नीरज कुमार सिंह एवं वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी विकास कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि बैठक के दौरान एईएस/जेई सहित कई अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम और नियंत्रण पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग इन रोगों से बचाव के लिए निरंतर प्रयासरत है और समय-समय पर लोगों को इसके लक्षणों और उपचार से संबंधित जानकारी दी जा रही है।
बैठक में वीडीसीओ प्रीति आनंद, कुंदन कुमार एवं सिफार के डीपीसी धर्मेंद्र रस्तोगी सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

