✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सीवान के जेपी चौक पर गुरुवार को आरक्षण विरोधी नीतियों के खिलाफ राजद ने एकदिवसीय धरना दिया। यह आयोजन राजद जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुआ। धरना में वक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
राजद नेताओं ने कहा कि मौजूदा सरकारें संविधान विरोधी सोच के साथ कार्य कर रही हैं। सरकारें आरक्षण को समाप्त करने की साजिश रच रही हैं। महागठबंधन सरकार द्वारा दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को मिले 65% आरक्षण को लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातीय गणना पर 500 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के कारण इसे रोका जा रहा है।
मुजफ्फर इमाम ने नीतीश सरकार को आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में मुख्यमंत्री आरक्षण समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर आरोप लगाया कि वे धर्म के आधार पर वर्गीकरण कर दलितों, बहुजनों और आदिवासियों को निचले स्तर पर बनाए रखना चाहते हैं।
अन्य नेताओं ने कहा कि यह देश सभी का है और हमारी अनेकता में एकता ही हमारी पहचान है। उन्होंने वंचितों और दलितों के आरक्षण को बचाने और बढ़ाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। धरने के अंत में राजद नेताओं के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा।
इस धरने में नगर अध्यक्ष ई. रमेश कुमार, सत्येंद्र शाह गोंड, अमित यादव, सुनीता यादव, छठिलाल गुप्ता, सरफराज, रविन्द्र यादव, अंशु कुशवाहा, रोहित राज, अश्वथामा यादव, अनिल यादव, अमित राम, प्रेम गोंड, जयप्रकाश यादव, विनोद यादव, रंजन यादव, तनुश्री, रीता पटेल, सत्यप्रकाश भास्कर, छोटू सिंह, यूसुफ अली सहित अन्य राजद कार्यकर्ता शामिल थे।

