✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सीवान के बबुनिया रोड स्थित एक विवाह भवन में गुरुवार को इमारत-ए-शरिया का प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बिहार, झारखंड और ओडिशा के मुस्लिम धर्मगुरु और विद्वान शामिल हुए। साथ ही, सीवान, गोपालगंज और सारण जिलों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमीर-ए-शरिया मौलाना सैयद अहमद वली फैसल रहमानी ने की। उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को सूद, नशाखोरी, दहेज, शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इमारत-ए-शरिया का मकसद मुसलमानों को कलम और शरीयत की बुनियाद पर संगठित और अनुशासित करना है।
मौलाना रहमानी ने जोर देकर कहा कि मुस्लिम समुदाय में ऐसा माहौल बनाना आवश्यक है जिससे धर्म की ओर ध्यान केंद्रित हो। साथ ही, मुसलमानों को पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्यों की जानकारी देते हुए उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि संगठन के माध्यम से आधुनिक शिक्षा से वंचित मुस्लिम समुदाय को शिक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
सम्मेलन में इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना शिबली कासमी, सहायक सचिव मुफ्ती सोहराब नदवी और अहमद हुसैन मदनी ने कहा कि आज की जरूरत है कि मुस्लिम समाज मजबूती के साथ एकजुट होकर आगे बढ़े। इस मौके पर मदरसा सिराजुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती महफूजूर रहमान कासमी, हाफिज जुबैर असीम, राशिद शिबली, ई. ऐनुल हक, मास्टर शहीद, हबीबुल्लाह खान, फजल बाबू, मौलाना तनवीर नदवी, मौलाना जहरुद्दीन, मौलाना वसीम, जलालुद्दीन अहमद नाइस और मौलाना वली उल्लाह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

