✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत हृदय रोग से ग्रसित दस बच्चों को गुरुवार को सिवान से पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान भेजा गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद और डीपीएम विशाल कुमार सिंह की उपस्थिति में बच्चों को एंबुलेंस से रवाना किया गया। पटना में उनकी आवश्यक चिकित्सीय जांच होगी, जिसके बाद उन्हें गुजरात के अहमदाबाद स्थित सत्य श्री साई हृदय रोग संस्थान भेजा जाएगा, जहां उनका निःशुल्क इलाज होगा।
इस पूरी प्रक्रिया का संपूर्ण खर्च, जिसमें इलाज और परिवहन खर्च शामिल है, बिहार सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। जिन बच्चों को जांच के लिए पटना भेजा गया है, उनमें आंदर प्रखंड की आराध्या कुमारी, जीरादेई के श्रेयांश कुमार, लकड़ी नबीगंज की तनिषा कुमारी, बड़हरिया प्रखंड की रेशमी कुमारी, क्षमा कुमारी और मारिया प्रवीण, गोरेयाकोठी प्रखंड की वंदना कुमारी, सदर प्रखंड की परिनिधि कुमारी, महाराजगंज प्रखंड की अनुष्का कुमारी और सदर प्रखंड के क्याश पटेल शामिल हैं।
सिविल सर्जन ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के 38 तरह के रोगों का निःशुल्क इलाज किया जाता है, जिसमें हृदय रोग भी शामिल है। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत इन बच्चों का बेहतर इलाज संभव हो पा रहा है।
डीपीएम ने बताया कि RBSK टीम द्वारा जिले में बच्चों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए भेजा जाता है, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से राहत मिलती है। जिला समन्वयक डॉ. अनिल राय ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से बच्चों की बीमारियों की समय पर पहचान की जाती है, जिससे उन्हें समय रहते आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

