✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
श्रीराम कथा में शिव विवाह प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
• श्रद्धा और विश्वास से ही कार्य में मिलती है सफलता – राजन महाराज
• श्रीराम कथा के दूसरे दिन शिव विवाह प्रसंग का मनोहारी वर्णन
• दहेज प्रथा को बताया नकारात्मक सामाजिक अवधारणा
• कई गणमान्य अतिथि और श्रद्धालु कथा श्रवण में रहे उपस्थित
सिवान: शहर के वीएमएचई इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान कथावाचक राजन महाराज ने शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धा, विश्वास और सतत प्रयास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आस्था के समंदर में डुबकी लगाने पर मजबूर कर दिया।
राजन महाराज ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस की रचना सात कांडों में की है और मानस का प्रत्येक कांड मानव जीवन को सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के प्रति श्रद्धा और विश्वास नहीं होगा तो वह कार्य कभी सफल नहीं हो सकता। जब किसी काम के प्रति सच्ची श्रद्धा उत्पन्न होती है तो विश्वास स्वतः ही जागृत हो जाता है और श्रद्धा व विश्वास के साथ किया गया कार्य निश्चित रूप से सफलता दिलाता है।
उन्होंने आगे कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी असफलताएं क्यों न मिलें या कितनी भी चुनौतियां सामने आएं, व्यक्ति को कभी हार नहीं माननी चाहिए। निरंतर प्रयास करते रहने से धीरे-धीरे ही सही, लेकिन व्यक्ति अपने लक्ष्य तक अवश्य पहुंच जाता है।
कथा के दौरान राजन महाराज ने सद्गुरु के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सद्गुरु ही वह शक्ति है जो मनुष्य के जीवन को सही दिशा दिखाकर उसकी दशा को बदल देता है। श्रीराम कथा के दूसरे दिन उन्होंने शिव विवाह के प्रसंग का मनमोहक चित्रण किया। शिव के दूल्हा बनने और बारात में शामिल विभिन्न गणों की उपस्थिति का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
उन्होंने विवाह के संदर्भ में दहेज प्रथा को नकारात्मक सामाजिक अवधारणा बताते हुए कहा कि वैवाहिक संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण तत्व आपसी प्रेम और स्नेह होता है, न कि भौतिक लेन-देन।
सोमवार को कथा कार्यक्रम की शुरुआत श्रीरामचरितमानस की आरती से हुई, जिसे यजमानों द्वारा संपन्न कराया गया। कथा के दूसरे दिन विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की पत्नी उर्मिला देवी, सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी और जिला अवर निबंधक पंकज कुमार झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में सुभाष प्रसाद और धर्मशिला देवी मौजूद रहे, जबकि सह-यजमान के रूप में डॉ. विजय पांडेय, डॉ. आरती रानी पांडेय, विनोद प्रसाद, मीरा देवी, राजेश कुमार, मुन्ना और संजू सहित कई श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रीराम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजन कल्याण सिंह, स्वागताध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी और संयोजक डॉ. रूपेश कुमार ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करते रहे।

