✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: जिले में तैनात इंस्पेक्टर, दारोगा और जमादार कांड के अनुसंधान के लिए लैपटाप और स्मार्टफोन मोबाइल फोन खरीदेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय उन्हें राशि भी प्रदान करेगा। हालांकि, विभाग द्वारा तय कैटेगरी के अनुसार ही लैपटाप और मोबाइल की खरीद की अनुमति दी जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने जिले के सभी थानों में तैनात अनुसंधान विंग के पुलिस पदाधिकारियों को लैपटाप और मोबाइल खरीदने की अनुमति दे दी है। यह खरीद 55 वर्ष से कम आयु वाले इंस्पेक्टर, दारोगा और जमादार के लिए ही की जाएगी। नए कानूनों के तहत, पुलिस पदाधिकारी लैपटाप के माध्यम से अपना केस डायरी, गवाहों का बयान आदि लिखेंगे, जबकि मोबाइल से घटनास्थल पर डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा करेंगे और गवाहों के वीडियो बयान दर्ज करेंगे।
20 हजार मोबाइल व 60 हजार लैपटाप की राशि तय
मोबाइल और लैपटाप की खरीद के लिए राशि तय की गई है। मोबाइल के लिए 20 हजार रुपए और लैपटाप के लिए अधिकतम 60 हजार रुपए की राशि निर्धारित की गई है। खरीदारी करने के बाद, पुलिस अधिकारी को इसका बिल अपने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के वित्त शाखा में जमा कराना होगा।
रखरखाव की जिम्मेदारी अनुसंधानकर्ताओं की होगी
लैपटाप और मोबाइल के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी अनुसंधानकर्ताओं पर होगी। अनुसंधानकर्ताओं के तबादले के बाद भी ये उपकरण उन्हीं के पास रहेंगे।
आपराधिक कानून के तहत, घटनास्थल का वीडियो बनाना और पीड़ित या गवाहों का बयान आडियो-वीडियो में दर्ज करना अनिवार्य है। इसके अलावा, उन्हें ई-साक्ष्य एप पर केस से जुड़े साक्ष्य अपलोड करने होंगे। इसके लिए अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारियों के पास स्मार्टफोन और लैपटॉप होना अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में सभी संबंधित थानों को निर्देश दिए गए हैं।
अजय कुमार सिंह, एसडीपीओ सदर

