✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान। यातायात विभाग ने बाइक सवारों का चालान काटने के संबंध में नए नियम जारी किए हैं। अब मोबाइल से खींची गई फोटो के आधार पर चालान नहीं काटा जा सकेगा। चालान काटने के लिए 1869 एचएचडी (हैंड हेल्ड डिवाइस) का उपयोग अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर केवल इसी डिवाइस के माध्यम से चालान जारी होगा। साथ ही, चालान काटने का अधिकार अवर निरीक्षक स्तर से नीचे के कर्मियों को नहीं होगा।
यातायात विभाग के अनुसार, यह नियम पहले से लागू है, लेकिन इसका पालन सख्ती से नहीं हो रहा था। अब विभाग ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी गई है।
मोबाइल से चालान की प्रक्रिया पर रोक क्यों?
विभाग को शिकायतें मिली थीं कि पुलिसकर्मी मोबाइल से फोटो खींचकर उसे बाद में एचएचडी डिवाइस में अपलोड करके चालान काट रहे थे। इससे धांधली और गड़बड़ी के आरोप लग रहे थे। इसलिए यह स्पष्ट किया गया है कि चालान केवल एचएचडी डिवाइस की मदद से ही काटा जाएगा।
एचएचडी डिवाइस की विशेषताएं:
नियम तोड़ने वाले वाहनों का मौके पर फोटो खींचा जा सकता है।
चालान में तिथि और समय तुरंत दर्ज होता है, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
लोग ऑनलाइन पेमेंट एप, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से चालान का भुगतान कर सकते हैं।
गाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड इसमें उपलब्ध होता है, जिससे चोरी की गाड़ियों का भी पता लगाया जा सकता है।
यातायात थानाध्यक्ष का बयान:
यातायात थानाध्यक्ष अभय नंदन कुमार ने बताया कि नियमों के अनुसार, केवल हैंड हेल्ड डिवाइस का उपयोग कर चालान काटा जाना चाहिए। हालांकि, शहर में भीड़भाड़ के दौरान कभी-कभी मोबाइल से फोटो खींचकर चालान काटा जाता था, लेकिन अब इस प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

