सिवान : मेंटेनेंस पर लाखों खर्च, फिर भी बिजली संकट बरकरार
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
सिवान: जिले में बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्यों और पेड़ों की टहनियां काटने के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसका कोई ठोस असर धरातल पर नहीं दिख रहा है। स्थिति यह है कि हल्की बारिश या तेज हवा भी होते ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। भीषण गर्मी के बीच शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गंभीर रूप ले चुका है।
शहर के कई मोहल्लों में शाम और रात के समय बिजली गुल हो जाने की समस्या आम हो गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, साथ ही उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पा रही। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी बदतर है। वहां उपभोक्ताओं को यह तक नहीं मालूम होता कि बिजली कब आएगी और कब जाएगी।
उधर, बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। जिले में इन दिनों औसतन 60 से 70 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है, जो सर्दी के मुकाबले 10 से 12 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद आपूर्ति की गुणवत्ता पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में रोष है।

