✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
11 सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मियों का आंदोलन तेज, विरोध के तरीके पर भी उठे सवाल
- नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर मरा हुआ कुत्ता टांग किया प्रदर्शन
- भारी मात्रा में कचरा फेंक कर्मचारियों ने जताया प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
- ईपीएफ, ईएसआई, सातवां वेतन सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल जारी
- इंतखाब अहमद ने कहा — भोले-भाले कर्मचारियों को किया जा रहा गुमराह
सिवान : नगर परिषद कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। शुक्रवार को आंदोलन उस समय उग्र हो गया जब सफाई कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और विरोध प्रदर्शन के दौरान एक मरे हुए कुत्ते को गेट पर टांग दिया। कर्मचारियों ने भारी मात्रा में कचरा लाकर कार्यालय परिसर के सामने फेंका और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना के बाद पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
कर्मचारी ईपीएफ, ईएसआई, अंतरवेतन, सातवां वेतन लागू करने, सर्विस बुक खोलने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन लगातार कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है।
अमित कुमार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से कर्मचारियों का करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये ईपीएफ मद में बकाया है। वहीं ईएसआई मद में कर्मचारियों के वेतन से राशि काटे जाने के बावजूद संबंधित खाते में जमा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन को पत्र देने और वार्ता के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई।
इधर, पूर्व वार्ड कमिश्नर और आरटीआई कार्यकर्ता इंतखाब अहमद ने प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें सही हो सकती हैं, लेकिन नगर परिषद के मुख्य गेट पर मरा हुआ कुत्ता टांगना और कचरा फेंकना बिल्कुल गलत तरीका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोले-भाले कर्मचारियों को माले के लोग गुमराह कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासन और कर्मचारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था और अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावित होने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

