✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान जिले में जुगाड़ गाड़ियों और खटारा वाहनों का धड़ल्ले से संचालन जारी है। इन वाहनों पर कोई रोक-टोक नहीं है, जबकि इनमें सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पूरी तरह अभाव है। इन गाड़ियों के पास न तो वैध कागजात होते हैं और न ही बीमा, बावजूद इसके ये तेज गति से सड़कों पर दौड़ते हैं, यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं और दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं।
पूरी तरह जुगाड़ व्यवस्था पर आधारित
सड़कों पर दौड़ती इन गाड़ियों का निर्माण जुगाड़ तकनीक से होता है। चक्के किसी वाहन के, स्टीयरिंग किसी और का, और हेडलाइट किसी अन्य वाहन की होती है। ठेला गाड़ी की तर्ज पर बनी ट्राली में गिट्टी, सरिया, सीमेंट जैसे भारी सामान बिना किसी रोक-टोक के ढोए जा रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण बाजारों तक ये गाड़ियां बेरोकटोक चलती रहती हैं, लेकिन प्रशासन इनकी जांच को लेकर उदासीन दिखता है। विभाग द्वारा अन्य वाहनों की ओवरलोडिंग और कागजात की जांच के नाम पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जुगाड़ गाड़ियों को नजरअंदाज किया जाता है। यह स्थिति पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पुअनि सह प्रभारी थानाध्यक्ष यातायात थाना विनायक राम का कहना है, “जुगाड़ गाड़ियों पर अक्सर कार्रवाई की जाती है। अब इनके खिलाफ सख्त अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।

