✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान। जिला कांग्रेस कार्यालय पर शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक सभा का आयोजन जिलाध्यक्ष डॉ. विधु शेखर पांडेय की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें देश का कुशल प्रशासक, दूरदृष्टि रखने वाला, अनुशासित कार्यकर्ता और विश्वस्तरीय अर्थशास्त्री बताया।
जिलाध्यक्ष ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह 1957 से 1965 तक चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय में अध्यापक रहे। 1969 से 1971 तक दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर, 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री और 2019 से 2024 तक छठी बार राज्यसभा सदस्य रहे।
ओमप्रकाश मिश्रा ने उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था का मार्गदर्शक बताया। डॉ. के एहतेशाम ने कहा कि जब पूरे विश्व के बैंक दिवालिया हो रहे थे, तब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत ने अपने बैंकों को सुरक्षित रखा।
सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर मेराज अहमद, रमाकांत सिंह, इंदु देवी, आरती राय, बृज किशोर सिंह, नबी रसूल अंसारी, शहाबुद्दीन शाह, हाफिज जुबैर, मुहम्मद इरफान, मंसूर अली खान समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

