✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: जिले के विभिन्न प्रखंडों में सोमवार को आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-दो के तहत पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पशुओं के बांझपन की जांच की गई।
सदर प्रखंड के धनौती पंचायत के पंचायत भवन पर आयोजित इस शिविर में पशु एवं मत्स्य विभाग की पहल पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ई. विनय चौहान और प्रखंड प्रभारी डा. शशि शेखर के सहयोग से पशु चिकित्सा सह बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डा. ब्रजेश कुमार झा, डा. उत्कर्ष शर्मा और उनकी टीम ने उपस्थित होकर सैकड़ों पशुपालकों को चिकित्सा सेवा प्रदान की।
वहीं, गोरेयाकोठी प्रखंड के हेतिमपुर पंचायत के रामू राय टोला में भी आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के तहत एक और पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का संचालन पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. अमलेश कुमार यादव के नेतृत्व में हुआ। शिविर में पशुपालकों को मवेशियों में बांझपन की समस्या के कारणों और उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
डा. अमलेश कुमार यादव ने बताया कि यदि दुधारू गाय या भैंस निर्धारित समय पर गर्भवती नहीं होती, तो उसे बांझ माना जाता है और ऐसे पशुपालकों को तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में कई कार्य कर रही है। शिविर में बसंतपुर के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रियरंजन, ब्रजेश कुमार ओझा, अनिल कुमार, कामेश्वर कुमार, अमीर आलम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

