✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
महादेवा थाना क्षेत्र में घटना, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली
- इलाज के दौरान नवजात की मौत से परिजनों में आक्रोश
- निजी क्लीनिक पर गलत इलाज और पैसे उगाही का आरोप
- डायल 112 पुलिस ने पहुंचकर मामला कराया शांत
- जांच के नाम पर बार-बार पैसे लेने का आरोप
सिवान: महादेवा थाना क्षेत्र के पकड़ी मोड़ के समीप स्थित डॉ. उमेश के निजी क्लीनिक में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने क्लीनिक परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया।
स्वजनों के अनुसार, दारोगा हाता निवासी मनु साह की भाभी ने सदर अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के दौरान नवजात ने पेट में गंदा पानी पी लिया था, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे डॉ. उमेश कुमार के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

बताया जा रहा है कि करीब 15 दिनों तक नवजात का इलाज नर्सिंग होम में चलता रहा। इस दौरान परिजनों से अलग-अलग जांच के नाम पर बार-बार 15 से 20 हजार रुपये तक की राशि ली जाती रही। हर एक-दो दिन पर नए जांच के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे।
पीड़ित मनु साह ने आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा गलत इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि गुरुवार की शाम जब वे नर्सिंग होम पहुंचे थे, तब बच्चे की हालत सामान्य बताई गई थी। लेकिन शुक्रवार की सुबह अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ने की बात कहकर डॉक्टर ने उसे कहीं और रेफर करने की बात कही।

परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया जा रहा था। करीब 11 बजे कंपाउंडर ने सूचना दी कि नवजात की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो उठे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और निजी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

