✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: शहर के चकिया मोड़ स्थित सर सैयद रिफार्मेशन सेंटर में मंगलवार को यूनिटी एंड पीस फाउंडेशन द्वारा नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में शहर के प्रबुद्धजन शामिल हुए और नशा निवारण के महत्व, आवश्यकता और रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

यूनिटी एंड पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. शाहनवाज आलम ने कहा कि नशा समाज के लिए घातक है और इसके प्रभाव को समाप्त करने के लिए सामुदायिक सहयोग जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा निवारण अभियान समाज की जिम्मेदारी है, ताकि हम अपने युवाओं को इस समस्या से बचा सकें।
डॉ. अमजद खान ने नशे को एक वायरस की संज्ञा दी और बताया कि यह एक व्यक्ति को किसी भी हद तक गिरा सकता है। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं से नशा निवारण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
मनोचिकित्सक डॉ. पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि नशे के शिकार बच्चे अच्छे-बुरे का फर्क नहीं समझ पाते। वहीं, राज्यस्तरीय सम्मान प्राप्त शिक्षक आशुतोष नंदन ने नशा निवारण अभियान के विस्तार और सुव्यवस्थित कार्ययोजना की आवश्यकता पर जोर दिया।
अधिवक्ता आशीष ने कहा कि नशा निवारण के लिए जन जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। जनसुराज के जिलाध्यक्ष इंतखाब अहमद ने सर सैयद रिफार्मेशन सेंटर की पहल की सराहना की और इसे सकारात्मक कदम बताया।
गोष्ठी को मौलाना मदनी साहब, इंजीनियर मुजीबुल्लाह, अकमल रजा, जाहिद सिवानी, और जमालुद्दीन नाइस ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर यूनिटी इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर अबरार अहमद, प्रिंसिपल हामिद अली, खालिद मोहम्मद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ, और आभार ज्ञापन नाजिर कलीम ने किया।

