✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
डिजिटल मोड में होगी जनगणना, प्रशिक्षण पर विशेष जोर
- चार अप्रैल को आंबेडकर भवन में एकदिवसीय प्रशिक्षण
- मकान सूचीकरण कार्य की हुई गहन समीक्षा
- डिजिटल सिस्टम के लिए यूजर आईडी व मैपिंग जरूरी
- डीएम ने समयबद्ध व त्रुटिरहित कार्य के दिए निर्देश
सिवान: जनगणना 2027 को सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में प्रधान जनगणना पदाधिकारी सह जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय एवं चार्ज स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण कार्य की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में संपन्न होगी, जिसके लिए एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) का गठन, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण, यूजर आईडी निर्माण और मैप क्रिएशन जैसे कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इन कार्यों से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए 4 अप्रैल को आंबेडकर भवन स्थित संवाद कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मकान सूचीकरण और गणना का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी शुद्धता और पारदर्शिता के साथ पूरा हो सके।
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनगणना कार्य को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, क्योंकि इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का आधार बनते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो कोई आंकड़ा छूटना चाहिए और न ही किसी प्रकार का दोहराव होना चाहिए, ताकि जिले के विकास की सटीक रूपरेखा तैयार की जा सके।
बैठक में प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, संबंधित जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों एवं नगर निकायों के चार्ज पदाधिकारी तथा अपर चार्ज पदाधिकारी उपस्थित रहे।

