✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: मकर संक्रांति के अवसर पर बाजार में खास चहल-पहल देखने को मिल रही है। गुड़ और तिल की सौंधी महक ने माहौल को खुशनुमा बना दिया है। फुटकर और थोक दुकानदार तिलकुट समेत अन्य पारंपरिक मिठाइयां बेचने में व्यस्त हैं। तिलकुट बनाने वाले कारीगर अपनी कला से बाजार की मांग पूरी करने में जुटे हैं।
बाजार में तिलकुट की कई वैरायटी आई हैं, जैसे खस्ता तिलकुट, गुड़ तिलकुट, खोवा तिलकुट और किशमिश वाला तिलकुट। हालांकि बाहर से भी तिलकुट मंगवाए गए हैं, लेकिन स्थानीय तिलकुट को अधिक पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा काला तिल के लड्डू की भी मांग बढ़ी है। काला तिल की कीमत अधिक होने के कारण यह लगभग ₹400 प्रति किलो बिक रहा है।
बाजार की मांग को देखते हुए गया और अरवल से कारीगर बुलाए गए हैं। कारीगरों का कहना है कि तिलकुट बनाने की प्रक्रिया लंबी और श्रमसाध्य है, जिसमें काफी मेहनत लगती है। सर्दी के मौसम में तिलकुट की मांग अपने चरम पर रहती है। दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक स्थानीय स्तर पर बने तिलकुट को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
मकर संक्रांति पर तिलकुट खाने की परंपरा के चलते लोग बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं।
तिलकुट के दाम एक नजर में
खस्ता तिलकुट: ₹300 से ₹400 प्रति किलो
गुड़ तिलकुट: ₹200 से ₹500 प्रति किलो
स्पेशल तिलकुट: ₹240 प्रति किलो
खोवा तिलकुट: ₹700 प्रति किलो
किशमिश तिलकुट: ₹500 प्रति किलो
चीनी तिलकुट: ₹280 प्रति किलो
इलायची तिलकुट: ₹200 प्रति किलो
सौंफ तिलकुट: ₹320 प्रति किलो
शुगर-फ्री तिलकुट: ₹400 प्रति किलो

