✍🏽 परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: जिले सहित राज्य के अन्य जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। 10 और 11 फरवरी को जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बूथ लगाकर बच्चों, किशोरों और किशोरियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं दी गईं। गुरुवार को बचे हुए लोगों को दवा खिलाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने विशेष बूथों पर कार्य किया।
जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि फाइलेरिया का इलाज नहीं, बल्कि इसकी रोकथाम के लिए दवा लेना आवश्यक है। दवा लेने के बाद थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन यह क्षणिक होती है और दवा हमारे लिए लाभकारी है। शिक्षा विभाग और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दवा देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों ने मिड-डे मील के दौरान भोजन कर लिया है। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं को ओआरएस पैकेट और एडीआर किट अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि कुछ बच्चों को दवा सेवन के बाद हल्की परेशानियां हुईं, लेकिन वे कुछ ही समय में सामान्य हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या दवा के कारण नहीं, बल्कि परजीवियों के मरने से उत्पन्न होती है। इसके कारण उल्टी, चक्कर, सिर दर्द, पेट दर्द और मितली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके मद्देनजर, प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है ताकि तुरंत उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. ओम प्रकाश लाल, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि एमडीए अभियान के तहत डीईसी और अल्बेंडाजोल दवाएं योग्य व्यक्तियों को दी जा रही हैं। ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और फाइलेरिया परजीवी को मारने में प्रभावी साबित हो रही हैं। खाली पेट दवा लेने से बचना चाहिए और भोजन के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए।
अब तक जिले में 34,67,000 लाभार्थियों में से 2,82,831 लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है। सुकृत्या एप के तहत प्रखंडवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
आंदर – 7,405
बड़हरिया – 19,983
बसंतपुर – 7,462
भगवानपुर हाट – 24,975
दरौली – 19,547
दारौंदा – 7,984
गोरेयाकोठी – 46,029
गुठनी – 14,514
हसनपुरा – 9,804
हुसैनगंज – 9,422
लकड़ी नबीगंज – 9,997
महाराजगंज – 15,233
मैरवा – 10,424
नौतन – 8,875
पचरुखी – 14,806
रघुनाथपुर – 23,297
सिसवन – 10,653
सिवान सदर – 10,561
सिवान शहरी क्षेत्र – 4,011
जीरादेई – 7,849
स्वास्थ्य विभाग के आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने बूथ लगाकर इन लाभार्थियों को दवा सेवन कराया।

