✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
सात दिनों तक चलेंगे धार्मिक कार्यक्रम, दो अप्रैल को गागर शरीफ और तीन को चादरपोशी
- 30 मार्च से शुरू होगा सात दिवसीय उर्स
- खानकाह को भव्य रूप से सजाया गया
- दो अप्रैल को गागर शरीफ, तीन अप्रैल को चादरपोशी
- सूफियाना कव्वाली और महफिल-ए-समा होंगे आकर्षण का केंद्र
सिवान: शहर के स्टेशन रोड स्थित खानकाह अमजदिया शरीफ में 138वां सालाना उर्स 30 मार्च से शुरू हो रहा है। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खानकाह को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
यह उर्स खानकाह के सज्जादानशीन डॉ. हयात अहमद अमजदी की देखरेख में आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि उर्स की शुरुआत सोमवार की रात नौ बजे नजर शरीफ से होगी। इसके बाद 31 मार्च को मिलाद-उन-नबी, एक अप्रैल को निशान शरीफ और दो अप्रैल को शाम चार बजे से गागर शरीफ का आयोजन किया जाएगा। गागर शरीफ के दौरान शहर के विभिन्न मोहल्लों से अकीदतमंद सूफियाना कव्वाली के साथ अपने सिर पर गागर लेकर खानकाह पहुंचेंगे, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा।
तीन अप्रैल की रात नौ बजे से हजरत सैयद शाह अमजद अली चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर चादरपोशी की जाएगी। वहीं चार अप्रैल से हजरत सैयद शाह तसद्दुक अली चिश्ती साबरी रह. समेत अन्य बुजुर्गों के मजार पर भी चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा।
उर्स के अंतिम दिन पांच अप्रैल की रात दो बजे से महफिले खास का आयोजन होगा। इसके बाद नमाज-ए-फजर के बाद गुस्ल पाक, महफिल-ए-समा (सूफियाना कव्वाली), कुल शरीफ और सलाम के साथ उर्स का समापन किया जाएगा।
गौरतलब है कि खानकाह अमजदिया शरीफ एक ऐतिहासिक और प्राचीन दरगाह है, जहां हजरत सैयद शाह अमजद अली चिश्ती साबरी रह., हजरत सैयद शाह तसद्दुक अली रह. और हजरत सैयद खुर्शीद अली रह. समेत कई बुजुर्गों के मजार स्थित हैं। उर्स के दौरान हर रात महफिल-ए-समा और कव्वाली का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

