✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
मैरवा (सिवान): तीन माह पूर्व बहला-फुसलाकर मानव तस्करी गिरोह द्वारा उत्तर प्रदेश के मथुरा में डेढ़ लाख रुपये में बेची गई एक महिला को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस सिलसिले में गिरोह से जुड़ी तीन महिलाओं समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना की जानकारी के अनुसार, महिला के पति द्वारा गांव की एक महिला को नामजद करते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने दो महीने की जांच के बाद मानव तस्करी गिरोह का सुराग लगाया।
9 अप्रैल को पुलिस ने मुख्य आरोपी लीलावती देवी को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला के रामपुर बुजुर्ग से हिरासत में लेकर पूछताछ की। लीलावती से प्राप्त जानकारी के आधार पर यूपी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर पुलिस ने बाकी आरोपियों को भी धर दबोचा।
बरामद की गई महिला को मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र से मुक्त कराया गया, जहां उसे लोकेश ठाकुर नामक व्यक्ति को शादी की नीयत से डेढ़ लाख में बेचा गया था। पुलिस ने लोकेश ठाकुर को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा इस मामले में मथुरा के जैत थाना के तोसे गांव के परतो ठाकुर, चौरी-चौरा की अनु देवी, देवरिया की लवली देवी तथा नरहिया के मुन्ना पटेल को भी गिरफ्तार किया गया है।
मानव तस्करी के पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले:
यह कोई पहली घटना नहीं है, जब मैरवा क्षेत्र से महिला को बहला-फुसलाकर बेचा गया हो। पूर्व में भी कई घटनाएं हो चुकी हैं जो पुलिस के लिए चुनौती साबित हुईं। वर्ष 2022 में एक महिला को फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद से बरामद किया गया था, जिसे शादी के नाम पर अपहृत कर बेचा गया था। वहीं 2012 में भी शहरी क्षेत्र से एक किशोरी को रात में गायब कर दिया गया था।
इन मामलों में अक्सर पुलिस सिर्फ भागने या अपहरण के नजरिए से जांच करती है, जबकि मानव तस्करी का बड़ा जाल इसमें छिपा होता है। सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान के डर से परिजन भी चुप्पी साध लेते हैं, जिससे अपराधी बेखौफ हो जाते हैं।