✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
नगर परिषद कर्मियों के उग्र प्रदर्शन पर प्रेस वार्ता कर नेताओं ने जताई आपत्ति
- मरे हुए कुत्ते को गेट पर टांगने की घटना की कड़ी निंदा
- पूर्व पार्षद इंतखाब अहमद बोले — कर्मचारियों को किया जा रहा गुमराह
- भाजपा नेताओं और पार्षदों ने कहा — विरोध लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए
- कर्मचारियों के हक मारने में नगर परिषद पदाधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
सिवान : नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर मरे हुए कुत्ते को टांगकर किए गए उग्र प्रदर्शन और जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में आरटीआई कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद इंतखाब अहमद, वार्ड संख्या 27 के पार्षद अमित कुमार, भाजपा नगर अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद अमित कुमार सिंह तथा सोनू सिंह समेत कई लोगों ने पूरे प्रकरण की कड़े शब्दों में निंदा की।
पूर्व पार्षद इंतखाब अहमद ने कहा कि आतंक फैलाकर विरोध करना हर तरीके से अनुचित है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भोले-भाले कर्मचारियों को बहकाकर गलत दिशा में ले जा रहे हैं। यदि कर्मचारियों की कोई मांग है तो उसे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाना चाहिए। पार्षदों और प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए, न कि पूरे शहर में उपद्रव कर विरोध जताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सही है कि नगर परिषद कर्मचारियों के हक मारे जा रहे हैं। कर्मचारियों के नाम पर राशि उठाई जा रही है लेकिन उनके खातों में पैसा नहीं पहुंच रहा। इसके लिए नगर परिषद से जुड़े पदाधिकारी जिम्मेदार हैं। बावजूद इसके कर्मचारियों को विरोध का सही तरीका अपनाना चाहिए, तभी समस्या का समाधान संभव होगा।
वार्ड संख्या 27 के पार्षद अमित कुमार ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति कर्मचारियों को गुमराह कर उपद्रव फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि “अमित” नामक व्यक्ति अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए नगर परिषद कर्मचारियों को भड़का रहा है। उन्होंने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।
वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद अमित कुमार सिंह और सोनू सिंह ने भी विरोध के तरीके को गलत बताते हुए कहा कि नगर परिषद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद कर्मचारी ईपीएफ, ईएसआई, सातवां वेतन और अन्य 11 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट पर मरा हुआ कुत्ता टांगने और कचरा फेंकने की घटना ने पूरे शहर में चर्चा और विवाद का माहौल पैदा कर दिया है।

