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March 31, 2026 8:04 pm

सिवान : आग लगने पर शहर के हजारों घरों तक अग्निशमन वाहन जाने का रास्ता नहीं

✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

सिवान: शहर में बिजली उपकरणों की अधिकता और वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। हालांकि, कई बार छोटे शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर काबू पा लिया जाता है, लेकिन अनियोजित ढंग से बनाए गए हजारों मकानों में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन वाहन वहां तक नहीं पहुंच सकते। पहले भी कई घटनाओं में यह समस्या सामने आ चुकी है, जब जरूरत पड़ने पर दमकल गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंच सकीं।

तंग गलियों में दमकल का पहुंचना मुश्किल

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संकरी गलियां दमकल वाहन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। कई इलाकों में संपर्क सड़कें नहीं होने के कारण आग लगने पर दमकल वाहन वहां तक नहीं पहुंच पाते। तेलहट्टा बाजार सहित कई इलाकों में वाहन जाने का कोई रास्ता नहीं है। घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है।

क्या है अग्निशमन का प्रावधान?

सभी निजी भवन, प्रतिष्ठान, अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल, मॉल, व्यावसायिक भवन, शिक्षण संस्थान, सामुदायिक भवन, पेट्रोल पंप, औद्योगिक केंद्रों पर अग्निशमन की पूरी व्यवस्था रखना अनिवार्य है। इसमें पैसिव और एक्टिव अग्निशमन व्यवस्था लागू करनी होती है और ऐसे भवनों के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी लेना आवश्यक होता है।

भवनों को नौ श्रेणियों में बांटा गया है

  1. – आवासीय
  2. बी – शैक्षणिक
  3. सी – सांस्थिक (नर्सिंग होम, अस्पताल)
  4. डी – सामुदायिक भवन, सिनेमा हॉल
  5. – व्यावसायिक भवन
  6. एफ – व्यावसायिक मॉल
  7. जी – औद्योगिक
  8. एच – भंडारण गृह
  9. जे – खतरनाक भवन

समाधान की जरूरत

शहर में सड़कों और गलियों की चौड़ाई पर ध्यान देना जरूरी है ताकि आग जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहन आसानी से पहुंच सकें। इसके अलावा, हर बड़े भवन और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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