✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधान पार्षद विनोद जायसवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकास के नाम पर वर्षों पुराने सरकारी भवनों का उद्घाटन कर रहे हैं। हुसैनगंज प्रखंड के मचकना पंचायत के करहनु गांव में जिस पंचायत भवन और आंगनबाड़ी भवन का उद्घाटन किया गया, वह पहले से ही निर्मित और सरकारी कार्यों के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा हवा-हवाई घोषणाएं की जा रही हैं।
विनोद जायसवाल ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई थी और विद्यालयों में छात्र मौजूद थे, लेकिन शिक्षक नहीं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के कार्यकाल में स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई और विद्यालयों में 3.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई। हालांकि, अब विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण भवन छोटे पड़ने लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाजीपुर-छपरा मार्ग का कार्य 10 वर्षों के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सरकार भूमि अधिग्रहण को इसका कारण बता रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भूमि अधिग्रहण के बिना किसी भी योजना को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इससे यह परियोजना एक बार फिर अधर में लटक सकती है।
विनोद जायसवाल ने यह भी कहा कि प्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिल सका है, जबकि राज्य में डबल इंजन की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों के कारण बिहार तंगहाल और परेशान है। यहां के लोगों के लिए पलायन ही आजीविका का मुख्य साधन बन गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं केवल चुनावी लाभ के लिए हैं और इनमें विकास का कोई ठोस आधार नहीं है। यह जनता को भ्रमित करने का एक प्रयास है।

