शिक्षा और सामाजिक जगत के स्तंभ बागेंद्रनाथ पाठक का निधन, सिवान में शोक की लहर
- दो दशकों तक शिक्षक संघ का नेतृत्व, शिक्षा जगत में शोक की लहर
- संगठन क्षमता और स्पष्टवादिता से शिक्षकों के बीच रहे लोकप्रिय
- मड़कन गांव में हजारों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार, मंत्री मंगल पांडे ने जताया शोक
- समर्पण, सादगी और संघर्ष की विरासत छोड़ गए बागेंद्रनाथ पाठक
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
सिवान जिले के शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र के लिए शुक्रवार, 27 फरवरी का दिन शोकपूर्ण रहा। डीएवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. बीपीएन पाठक के सगे अनुज बागेंद्रनाथ पाठक का निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।
बागेंद्रनाथ पाठक लगभग दो दशकों तक सिवान जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों, सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष किया। वे शिक्षकों की आवाज को मजबूती से प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। संगठन क्षमता, स्पष्टवादिता और सौम्य व्यवहार के कारण वे शिक्षकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे।
वे सिवान जिले के पूर्व विधान पार्षद केदार पांडे के करीब दो दशकों तक जिला प्रतिनिधि भी रहे। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। जिले में शायद ही कोई ऐसा राजनेता या सामाजिक कार्यकर्ता रहा हो, जिनसे उनके मधुर संबंध न रहे हों। वे सभी को साथ लेकर चलने की सोच रखते थे और सामाजिक समरसता के पक्षधर थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही हजारों की संख्या में शिक्षक, शुभचिंतक और ग्रामीण उनके पैतृक गांव मड़कन, जो सिवान शहर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित है, पहुंच गए। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। मड़कन गांव स्थित मसान माई घाट पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सिवान सदर के विधायक एवं बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडे ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बागेंद्रनाथ पाठक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बागेंद्रनाथ पाठक का जीवन शिक्षा जगत और समाज की सेवा को समर्पित रहा। शिक्षक हितों की रक्षा के लिए उनका दीर्घकालीन संघर्ष और नेतृत्व सिवान जिले के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
उन्होंने इसे जिले की अपूरणीय क्षति बताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर जिले के वरीय अधिवक्ता इष्टदेव तिवारी, धनंजय सिंह,राजा सिंह कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय पड़ित,एमएलसी वीरेंद्र नारायण यादव,राजद के जिलाध्यक्ष विपिन कुशवाहा,विद्या भवन कॉलेज पूर्व प्राचार्य डॉ. कुसुम सिन्हा सहित हजारों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उनके बड़े पुत्र अमित पाठक ने उन्हें मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे दो विवाहित पुत्रियों और दो पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
बताया जाता है कि वे अपने बड़े भाई डॉ. बीपीएन पाठक से लगभग आठ वर्ष छोटे थे। उनके निधन से पूरा पाठक परिवार गहरे शोक में है। परिवारजनों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
महाकाल कंप्यूटर के प्रबंधक और उनके सगे भतीजे अभिषेक पाठक ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बागेंद्रनाथ पाठक का जीवन पूरी तरह शिक्षकों और समाज की सेवा को समर्पित रहा। सिवान के शैक्षणिक और सामाजिक इतिहास में उनका योगदान लंबे समय तक स्मरण किया जाता रहेगा।
उनके निधन से न केवल पाठक परिवार, बल्कि पूरा शिक्षक समाज और सिवान जिला स्तब्ध है। शिक्षकों ने कहा कि बागेंद्रनाथ पाठक जैसे नेतृत्वकर्ता विरले होते हैं, जो पद को प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी मानते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका जीवन समर्पण, सादगी और संघर्ष का प्रेरक उदाहरण रहेगा।