रोजेदारों को बुलाकर ‘बाबुल रय्यान’ नामक जन्नत के दरवाजे से प्रवेश कराया जाएगा:मौलाना मो.एहसान आलम
✍️ परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ
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शहर के ग्यारहवीं (11 वीं)मस्जिद के खतीबो इमाम आलिमें अहले सुन्नत मौलाना मो.एहसान आलम ने रमजानुल मुबारक पर फजीलत बयान करते हुए कहा कि कयामत के दिन जब आम लोग घबराए हुए होंगे, तब रोजेदारों को बुलाकर ‘बाबुल रय्यान’ नामक जन्नत के दरवाजे से प्रवेश कराया जाएगा।रोजेदार अपनी इबादत (रोजा) के कारण नूर (प्रकाश) और शान के साथ पहचाने जाएंगे।रोजा और रमजान के महीने में किए गए नेक काम (जकात,सदका)रोजेदार के लिए सिफारिश करेंगे,जिससे उन्हें जहन्नुम (नरक) की आग से सुरक्षा मिलेगी।
जब सभी रोजेदार ‘बाबुल रय्यान’ नामक दरवाजे से जन्नत में दाखिल हो जाएंगे, तो वह दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि माहे रमज़ान बरकत,रहमत और मग़फ़िरत का पवित्र महीना है,जिसमें रोज़ा,कुरान की तिलावत और दान-पुण्य के जरिए अल्लाह की विशेष कृपा मिलती है।यह महीना सब्र,अनुशासन और इंसानियत का सबक देता है,जिसमें जन्नत के द्वार खुलते हैं और शैतान जंजीरों में जकड़ दिए जाते हैं,जिससे आत्मा की शुद्धि और रूहानी सुकून मिलता है।रमज़ान के पवित्र दिनों में की गई इबादत से गुनाह माफ़ होते हैं और अल्लाह की रहमत बरसती है।उन्होंने कहा कि इस माह में की गई दुआएं रद्द नहीं होती और इफ़्तार के समय दुआएं विशेष रूप से स्वीकार की जाती है।