यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है,यह लड़ाई आम लोगों की लड़ाई है : इंतेखाब अहमद
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
सिवान सदर से जनसुराज के उम्मीदवार के रूप में इंतखाब अहमद का ऐलान, कहा – “मेरी लड़ाई सिवान की आत्मा को बचाने की है”
बुधवार को शहर के एक होटल में सिवान सदर 105 से जनसुराज के उम्मीदवार इंतेखाब अहमद ने प्रेस वार्ता कर अपने विचार स्पष्टता और निडरता से रखे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का विषय नहीं है, बल्कि सिवान की उस आत्मा की पुकार है जो वर्षों से भ्रष्टाचार, उपेक्षा और अन्याय की मार झेल रही है। उन्होंने कहा, “मेरी लड़ाई सिवान के आम नागरिक की लड़ाई है। यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है, उन ताकतों के खिलाफ है जिन्होंने जनता के विश्वास को बार-बार तोड़ा है।”
इंतखाब अहमद का नाम सिवान की जनता के लिए नया नहीं है। लंबे समय से वे जनहित और पारदर्शिता की आवाज रहे हैं। उन्होंने सिवान के विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग की, सरकारी व्यवस्थाओं में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई, और कभी भी व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही वजह है कि आज जब राजनीति में ईमानदारी और सच्चाई की कमी महसूस होती है, तब इंतखाब अहमद का नाम उम्मीद और विश्वास दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मौजूदा नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “एक तरफ मंगल पांडे जैसे भ्रष्ट नेता हैं, जिन्होंने राजनीति को अवसरवाद का माध्यम बना दिया है, वहीं दूसरी ओर अवध बिहारी चौधरी जैसे लोग हैं, जिन्होंने जनता की सेवा के बजाय प्रोटोकॉल की राजनीति अपनाई।” उन्होंने कहा कि वे इस चुनाव में जीत या हार के लिए नहीं, बल्कि सिवान के लोगों को एक सच्चा विकल्प देने के लिए मैदान में उतर रहे हैं।
इंतखाब अहमद ने घोषणा की कि वे 16 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने राजनीति को जनसेवा से जोड़ने का जो प्रयास किया है, वह बिहार की राजनीति में नई उम्मीद जगाता है।
सिवान की जनता के लिए यह अवसर आत्ममंथन का है। वर्षों से चली आ रही पारंपरिक राजनीति ने जनता को सिर्फ वादे दिए, लेकिन न तो रोजगार आया, न उद्योग खड़ा हुआ, और न ही शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ। इंतखाब अहमद की साफ-सुथरी छवि, उनकी निर्भीकता और जनता के मुद्दों पर उनकी गहरी समझ उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग बनाती है।

