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April 4, 2026 1:12 pm

मैरवा पुलिस पर आरोप: जमानत के बावजूद 5 साल पुराने मामले में 28 घंटे तक हिरासत में रख

मैरवा थाना क्षेत्र के बड़का मांझा गांव निवासी संजय उपाध्याय ने मैरवा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 5 साल पुराने एक मादक पदार्थ के मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद, पुलिस ने 29 दिसंबर 2024 को उनके घर में घुसकर उन्हें गिरफ्तार किया और 28 घंटे तक थाने में हिरासत में रखा।

पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट
संजय उपाध्याय का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें उनके घर से जबरन उठाया और थाने में बंद कर रखा। इस दौरान उनकी तस्वीरें खींचकर सीवान पुलिस के फेसबुक पेज पर अपलोड की गईं। जब उन्होंने पुलिस से अपने अपराध की जानकारी मांगी, तो उन्हें 2019 के मादक पदार्थ मामले का हवाला दिया गया।

जमानत के बावजूद गिरफ्तारी
संजय उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस मामले में 7 जुलाई 2020 को हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिसकी कॉपी सीवान न्यायालय और मैरवा थाना को दी गई थी। बावजूद इसके, उन्हें गिरफ्तार कर मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना दी गई। जब 30 दिसंबर को उन्होंने जमानत के कागजात प्रस्तुत किए, तब उन्हें रिहा किया गया।

डीजीपी और मानवाधिकार आयोग को शिकायत
इस मामले को लेकर संजय उपाध्याय ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली को शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने पूछा है कि जमानत होने के बावजूद उन्हें थाने में क्यों रखा गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार क्यों किया गया।

पुलिस की सफाई
मैरवा थानाध्यक्ष राकेश कुमार का कहना है कि 2019 के मादक पदार्थ मामले में संजय उपाध्याय आरोपित थे। उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने जमानत करा ली थी, तो इसकी जानकारी थाना को पहले दी जानी चाहिए थी। जमानत की कॉपी दिखाने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया गया। अन्य आरोप बेबुनियाद हैं।”

एसडीपीओ का बयान
सीवान सदर 2 के एसडीपीओ अजीत प्रताप सिंह ने कहा, “डीजीपी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। यह मामला 2019 में दर्ज मादक पदार्थ से जुड़े कांड संख्या 209/2019 से संबंधित है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

आरोप: महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार
संजय उपाध्याय ने अपने शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया।

यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर कई सवाल खड़े करता है। डीजीपी ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, जिसका परिणाम आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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