✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
मैरवा नगर पंचायत की चेयरमैन किसमती देवी को नामांकन के दौरान तथ्य छिपाने के आरोप में राज्य निर्वाचन आयोग ने पदमुक्त कर दिया है। आरोप है कि उनके और उनके पति के नाम पर मैरवा में तीन मकान हैं, लेकिन नामांकन के समय उन्होंने केवल एक मकान का होल्डिंग टैक्स जमा करने का दावा किया।
नामांकन में छिपाई जानकारी
जांच में सामने आया कि नामांकन से पहले सिर्फ एक मकान का होल्डिंग टैक्स जमा किया गया था, जबकि बाकी दो मकानों का टैक्स जमा नहीं हुआ था। इस मामले को लेकर वार्ड संख्या 3 के पार्षद दुर्गेश कुमार ने राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। दुर्गेश ने यह भी आरोप लगाया कि चेयरमैन बैठकें नहीं बुलाती थीं और उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
आयोग में दोनों पक्षों की दलीलें
शिकायतकर्ता दुर्गेश कुमार की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा। वहीं, किसमती देवी की ओर से अधिवक्ता अवनीश कुमार और एसबी केमंगलम ने दलीलें दीं। जांच के दौरान नामांकन पत्र में तीन भवनों का विवरण अंकित पाया गया। बिहार नगर पालिका अधिनियम-2007 की धारा-18 (1) (के) के तहत नामांकन से पहले सभी भवनों का होल्डिंग टैक्स अदा करना अनिवार्य है।
शिकायत के बाद टैक्स जमा, लेकिन देर हो चुकी थी
12 सितंबर 2022 को केवल एक मकान का टैक्स जमा कर किसमती देवी ने नामांकन दाखिल किया। बाद में दुर्गेश कुमार की शिकायत पर 12 अप्रैल 2023 को शेष दो मकानों का टैक्स जमा किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
एक साल तक चला मामला
जिला पंचायत राज पदाधिकारी शैलेश कुमार चौधरी ने बताया कि यह मामला एक साल से अधिक समय तक चला। टैक्स बकाया होने और जानकारी छिपाने के आरोपों की जांच के बाद दोनों पक्षों की सुनवाई के उपरांत चेयरमैन को पद से हटा दिया गया।