✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
मैरवा थाना क्षेत्र के इमरौली गांव में शुक्रवार को गैर मजरुआ भूमि से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के दौरान कई महिलाएं बुलडोजर के सामने लेट गईं और प्रशासन की कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। इस बीच महिला पुलिस और ग्रामीण महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद मामला कोर्ट में भेजने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, इस मामले की सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है और टोकन नंबर मिलने के बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पत्थर फेंके, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया। प्रशासनिक टीम, जिसमें अंचलाधिकारी और महिला पुलिस शामिल थीं, ने किसी तरह अतिक्रमण के कुछ हिस्सों को हटाकर वापसी की।
ज्ञात हो कि प्रशासन ने पहले एक दर्जन से अधिक लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भेजा था और उन्हें भूमि खाली करने के लिए कहा गया था।