✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
भगवानपुर हाट (सिवान), फरवरी के पहले सप्ताह के समाप्त होते ही पछुआ हवा तेज गति से बहने लगी है, जिससे किसान चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह हवा धरती की नमी को सुखा देगी, जिससे गेहूं और सरसों की पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
पछुआ हवा से गेहूं और सरसों की फसल पर असर
कृषि समन्वयक सोनू कुमार ने बताया कि समय से पहले शुरू हुई पछुआ हवा गेहूं के पौधों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। इस वजह से उत्पादन में कमी की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि अभी गेहूं के पौधों में बाली ठीक से नहीं निकली है, और हवा की वजह से जमीन की नमी समाप्त हो जाएगी, जिससे बाली बनने में दिक्कत होगी।
उन्होंने आगे बताया कि जिन पौधों में बाली आनी शुरू हुई है, उनमें दाने बनने से पहले ही सूख सकते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा। यही स्थिति सरसों की फसल के साथ भी होने की संभावना है, क्योंकि पछुआ हवा फसल को एकाएक सूखा सकती है।
आम की फसल पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
उन्होंने कहा कि इस तेज पछुआ हवा का आम के पौधों पर अधिक असर नहीं दिखेगा, क्योंकि अभी मंजर आने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
किसानों की बढ़ी चिंता, तापमान में गिरावट दर्ज
कृषक चोरौली निवासी सुरेंद्र सिंह और मनिंद्र सिंह ने कहा कि तेज पछुआ हवा कृषि के लिए चिंता का विषय बन गई है। पिछले कुछ दिनों से पछुआ हवा की वजह से कनकनी भी बढ़ गई है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप होने के बावजूद सुबह-शाम ठंड का अहसास हो रहा है।

