✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
रिकॉर्ड के बाद सुरक्षा इंतजामों पर उठी चिंता
उत्तर प्रदेश के बनारस में डोमरी क्षेत्र का ‘शहरी वन’ रविवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होकर ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में चर्चा में रहा। इस अभियान के तहत चीन द्वारा वर्ष 2018 में बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। बड़ी संख्या में पौधारोपण कर इसे विश्व स्तर पर एक नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया।
अभियान में सेना, एनडीआरएफ, पुलिस बल तथा हजारों विद्यार्थियों की भागीदारी रही। प्रशासन ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
हालांकि, रिकॉर्ड दर्ज होने के अगले ही दिन सोमवार को जमीनी स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। स्थल निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पौधों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए। कई स्थानों पर न तो मजबूत घेराबंदी की व्यवस्था है और न ही नियमित निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था नजर आई।
खुले में घूमती भैंसों सहित अन्य पशुओं को पौधों के बीच विचरण करते देखा गया, जिससे पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पौधों की देखरेख और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो लाखों पौधे लगाने का दावा केवल कागजों तक सिमट सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल रिकॉर्ड बनाने से नहीं, बल्कि पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण और रखरखाव से तय होती है। ऐसे में प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन पौधों को सुरक्षित और जीवित रखना है।