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February 4, 2026 6:32 am

बड़ी खबर : जनसुराज में शामिल हुए RCP सिंह, PK बोले – ‘हम जब साथ थे, तब हारी थी भाजपा’

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह की जोड़ी फिर साथ, 2015 के चुनाव की दिलाई याद

बिहार की राजनीति में रविवार को बड़ा उलटफेर हुआ जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज का दामन थाम लिया। उन्होंने अपनी पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ का विलय भी जनसुराज में कर दिया। पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में दोनों नेताओं ने साथ आने की घोषणा की और जदयू व एनडीए पर तीखे हमले किए।

राजनीतिक संदेश स्पष्ट, 2015 जैसा समीकरण फिर संभव?

प्रशांत किशोर ने कहा कि 2015 में भाजपा को हराने में आरसीपी सिंह के साथ आने की अहम भूमिका थी। उन्होंने याद दिलाया कि जब लालू यादव और नीतीश कुमार के गठबंधन से पहले वे दोनों एकजुट हुए थे, तभी महागठबंधन को मजबूती मिली और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

आरसीपी सिंह बोले – अकेले रहकर कोई फायदा नहीं

आरसीपी सिंह ने कहा कि वे पहले अधिकारी थे, फिर जदयू में आकर केंद्रीय मंत्री बने और भाजपा में भी वक्त बिताया, लेकिन स्वतंत्र राजनीति से लाभ नहीं मिला। इसलिए उन्होंने जनसुराज का साथ चुना। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर के साथ पहले भी उन्होंने अच्छे अनुभव साझा किए हैं।

PK ने किया ‘आरसीपी टैक्स’ टिप्पणी का बचाव

प्रशांत किशोर ने कहा कि आरसीपी सिंह पर लगे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पटना में आज तक उनका कोई घर नहीं है, इसलिए भ्रष्टाचार के आरोप केवल अफवाह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरसीपी सिंह की भूमिका दल संचालन की नहीं होगी, बल्कि उनके अनुभव से जनसुराज को रणनीतिक लाभ मिलेगा।

तीसरा मोर्चा नहीं, मुख्य विकल्प बनने का दावा

दोनों नेताओं ने दावा किया कि वे बिहार में सिर्फ तीसरा मोर्चा नहीं, बल्कि विकल्प के तौर पर सामने आए हैं। एनडीए और महागठबंधन से अलग एक मजबूत संगठन खड़ा करने के लिए उन्होंने साथ आने का निर्णय लिया है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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