✍🏽 परवेज़ अख्तर/एडिटर इन चीफ
बड़हरिया प्रखंड के विभिन्न गांवों में जंगली जानवरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। ये जानवर झुंड में आकर किसानों की गेहूं, सब्जी, तेलहन और दलहन की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मेहनत और लागत दोनों बेकार होती दिख रही हैं।
किसानों ने बताया कि उन्होंने आलू, टमाटर, बैंगन, लौकी, गोभी जैसी सब्जियों और गेहूं, तेलहन, दलहन जैसी फसलों की कड़ी मेहनत से खेती की है। लेकिन जंगली जानवरों का झुंड रातों-रात उनकी फसलों को चट कर जा रहा है। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है।
ग्रामीण किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही जंगली जानवरों से बचाव के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है। खेती करना घाटे का सौदा बन सकता है।
किसानों ने यह भी बताया कि कृषि विभाग खाद, बीज और कीटनाशकों के उपयोग पर तो जानकारी देता है, लेकिन जंगली जानवरों से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किए जाते। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दिलाई जाए।

