✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
बड़हरिया: बड़हरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक मैदान में शनिवार को आल इंडिया तंजीम-ए-इंसाफ का तीसरा दो दिवसीय बिहार राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की हिफाजत पर चर्चा करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के मुख्य संरक्षक तारकेश्वर यादव ने की, जबकि संचालन राज्य सचिव अधिवक्ता इरफान अहमद ने किया।
इस अवसर पर राज्य सचिव इरफान अहमद ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और उन्हें देश से निकालने की साजिश की जा रही है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों और देश में संविधान पर सवाल उठाने वाले नेताओं के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की रक्षा के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया है।
पूर्व सांसद सैयद अजीज पाशा ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए किसी राम या रहीम के आने का इंतजार नहीं करना चाहिए। हमें स्वयं अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने फिलिस्तीन में हो रहे अत्याचार का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि समय रहते हम नहीं चेते, तो देश में अल्पसंख्यकों के लिए जीना कठिन हो जाएगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव डॉ. अयूब अली खान, एएमयू के प्रो. शोहैब शेरवानी, प्रो. जब्बार आलम, रामनरेश पांडेय, और शिफ्तुल्लाह उर्फ गोरख नेता ने भी अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

