✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
मदरसा शिक्षा को मजबूती देने पर हुई चर्चा, दी मुबारकबाद
- मौलाना इमरान आलम ने बलियावी से शिष्टाचार मुलाकात की
- मदरसों को संवैधानिक मजबूती मिलने पर जताई खुशी
- 26 फरवरी 2026 के संशोधन विधेयक को बताया ऐतिहासिक
- मदरसों को अल्पसंख्यक दर्जा दिलाने की मुहिम जारी
ऑल मदरसा युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इमरान आलम ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जनाब मौलाना गुलाम रसूल बलियावी से मुलाकात कर उन्हें बधाई और मुबारकबाद पेश की। इस दौरान मदरसा शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौलाना इमरान आलम ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने मदरसों को अल्पसंख्यक दर्जा दिलाने के लिए एक व्यापक मुहिम शुरू की थी। इस दिशा में 26 फरवरी 2026 को बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में पारित किया गया, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है, जिससे मदरसों को संवैधानिक ढांचा प्रदान करने की प्रक्रिया मजबूत हुई है। इस पहल में ऑल मदरसा युवा शिक्षक संघ की भी सक्रिय भूमिका रही है।
मौलाना इमरान ने बताया कि पूर्व में भी इस मुद्दे को लेकर उन्होंने बलियावी साहब से मुलाकात कर मदरसों को अल्पसंख्यक दर्जा देने की मांग रखी थी। उस समय बलियावी ने आश्वासन दिया था कि वे इस विषय को सरकार और संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज उसी प्रयास का परिणाम है कि मदरसों को संवैधानिक दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने इसे मदरसा बोर्ड के इतिहास में एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि इससे मदरसों का बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक स्थिति और मजबूत होगी।
मौलाना इमरान आलम ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार सरकार के कार्यकाल 2025 से 2030 के दौरान मदरसों को पूर्ण रूप से अल्पसंख्यक दर्जा भी प्राप्त होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दिशा में जो कार्य शेष हैं, उन्हें भी जल्द पूरा किया जाएगा।

