नीरज हत्याकांड: नामजदों को छोड़ने पर गांव में गूंज रही चर्चा
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
पचरुखी हरिजन टोला में युवक की हत्या, परिजनों ने चार पर लगाया आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सिवान: पचरुखी थाना क्षेत्र के हरिजन टोला में 23 जून की रात हुई युवक नीरज कुमार की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा नामजद अभियुक्तों को पूछताछ के बाद छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश और चर्चाओं का दौर जारी है।
मृतक के पिता सुदामा राम ने इस संबंध में चार लोगों – साहेब कुमार, राजेश राम, कुंदन राम और भुलन कुमार – को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 23 जून की रात करीब आठ बजे उक्त चारों लोग उनके पुत्र नीरज को घर से बुलाकर पचरुखी बाइपास की ओर ले गए थे।
करीब आधे घंटे बाद पंचायत भवन के पास विवाद की सूचना मिलने पर जब वे गांव के अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे, तो देखा कि नीरज कुमार मृत अवस्था में मुंह के बल गिरा हुआ था और उसके सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट के निशान थे।
मृतक के पिता का कहना है कि उक्त चारों युवकों ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर नीरज की हत्या की है।
घटना के बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में उन्हें पीआर बांड पर छोड़ दिया गया। इसी निर्णय को लेकर अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद नामजदों को छोड़ देना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। मामले में पारदर्शी जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।