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February 22, 2026 4:15 am

दारौंदा में नहीं बच सकी हथिनी सुमन, चार दिन से चल रहा था इलाज

दारौंदा में नहीं बच सकी हथिनी सुमन, चार दिन से चल रहा था इलाज

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
मुजफ्फरपुर, पटना और मथुरा से बुलाई गई थी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम
दारौंदा प्रखंड क्षेत्र के भीखाबांध छोटकी मठिया में शनिवार की सुबह शोक की लहर दौड़ गई, जब पिछले चार दिनों से जीवन और मौत से जूझ रही हथिनी ‘सुमन’ ने दम तोड़ दिया। सुमन दंशी मठिया गोपालगंज के महंत 108 सत्यदेव दास महाराज की प्रिय हथिनी थी और स्थानीय लोगों के बीच विशेष पहचान रखती थी।
जानकारी के अनुसार, भीखाबांध के महावत छोटन साईं करीब एक सप्ताह से हथिनी को भीखाबांध मठ परिसर में रखे हुए थे। इसी दौरान चार दिन पूर्व उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर मुजफ्फरपुर और पटना से पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश के मथुरा से भी विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंचे। स्थानीय पशु चिकित्सक लगातार उपचार में जुटे रहे।
दिन-रात चले इलाज और विशेषज्ञों के प्रयासों के बावजूद शनिवार की सुबह हथिनी ने अंतिम सांस ली। मठाधीश सत्यदेव दास महाराज ने बताया कि सुमन की उम्र लगभग 30 वर्ष थी। उन्होंने कहा कि सुमन का आसपास के ग्रामीणों और बच्चों से विशेष लगाव था। बच्चे अक्सर उसे बिस्किट और फल खिलाते थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भी सुमन दारौंदा के भीखाबांध मठिया आती थी, उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। उसकी मृत्यु से क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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