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March 5, 2026 7:47 pm

दारौंदा : पोषक क्षेत्रों में अनामांकित और वंचित बच्चों की हो रही खोज

✍ परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों को चिह्नित करने के लिए गृहवार सर्वेक्षण अभियान दारौंदा प्रखंड में जोर-शोर से चल रहा है। मंगलवार को प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के नोडल शिक्षक अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर रहे थे। सभी सरकारी विद्यालयों के हेल्प डेस्क के नोडल शिक्षकों ने पोषक क्षेत्रों में विद्यालय जाने से वंचित बच्चों का सर्वेक्षण किया।

कौथुआ सारंगपुर, सिरसांव, कोड़ारी कला, बालबंगरा, रामगढ़ा, पकवलिया आदि पंचायतों के पोषक क्षेत्रों में चलाए जा रहे इस सर्वेक्षण अभियान का निरीक्षण करते हुए बीपीएम सुवेंदु कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य छह से 14 वर्ष की आयु के विद्यालय से वंचित बच्चों को घर-घर जाकर चिह्नित करना है। साथ ही, उनकी आयु के अनुसार कक्षा में नामांकन सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह सके।

यह अभियान 30 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलाया जाएगा और इसे हर हाल में पूरा करना अनिवार्य है। बीपीएम ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे अपने विद्यालयों में हेल्प डेस्क का गठन करें और एक शिक्षक को नोडल शिक्षक के रूप में नामित करें। नोडल शिक्षक अपने पोषक क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर मतदाता सूची के आधार पर गृहवार सर्वेक्षण करेंगे और छह से 14 एवं 15 से 19 आयु वर्ग के वंचित बच्चों की सूची तैयार करेंगे।

गौरतलब है कि बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य इस अधिनियम के तहत हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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