✍ परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
प्रखंड के उजांय स्थित गौरीशंकर विद्यालय परिसर में चल रहे केंद्रीय विद्यालय महाराजगंज को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से की है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पत्र जिलाधिकारी को भेजा है।
आवेदन में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालय, जो भारत का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, का एक हिस्सा महाराजगंज में कार्यरत है। इस विद्यालय में स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होती थी, लेकिन प्रशासनिक समस्याओं के चलते विद्यालय का अपना भवन अब तक नहीं बन पाया है। इसके चलते विद्यालय को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस स्थिति के कारण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, और कई अभिभावकों को अपने बच्चों को सिवान, गोपालगंज, छपरा और गोरखपुर जैसे अन्य शहरों में पढ़ाई के लिए भेजना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में राजेंद्र साह, आजाद हुसैन, सुरेंद्र प्रसाद, तपेश्वर प्रसाद, रामाशंकर राम और क्यामुद्दीन ने विद्यालय को बंद करने की प्रक्रिया को रोकने और इसे पुनः सुचारु रूप से संचालित कराने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में जब विद्यालय के प्राचार्य हेमंत कुमार साहू से बात की गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन से जो भी आदेश मिलता है, उसे लागू करना उनकी प्राथमिकता है। वर्तमान में विद्यालय में केवल कक्षा 10वीं की पढ़ाई जारी है।