✍️परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ
जीबी नगर थाना पुलिस द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे कई कांडों का वांछित अभियुक्त सह तरवारा (जलालपुर)गांव स्थित मजहरूल हक डिग्री कॉलेज का प्रोफेसर सुबोध कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस माननीय न्यायालय के आदेश पर इसके यहां 82 की कारवाई कर 83 की कारवाई में जुटी हुई थी कि इसी बीच वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।गिरफ्तार सुबोध जो जीबी नगर थाना क्षेत्र के बजरहियां गांव निवासी सह पूर्व मुखिया स्वर्गीय सच्चिदानंद सिंह का बेटा है।

गिरफ्तार सुबोध कुमार सिंह पर जिले के कई अलग-अलग थाने एवं सीमावर्ती ज़िले में लगभग आधा दर्जन से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं।यहां बताते चले की 90 के दशक में इसका सगा भाई प्रमोद कुमार सिंह जो जिले का मोस्ट वांटेड कुख्यात अपराधी रह चुका है, जिसे 1997 में समस्तीपुर में बैंक लूट के दौरान पुलिस ने मार गिराया था। परिजनों को उसके मारे जाने की खबर मिली लेकिन उन्होंने शव को पैतृक गांव में दास संस्कार के लिए नहीं लाया।बाद में समस्तीपुर जिला पुलिस प्रशासन ने काग़ज़ी कोरम पूरा करने के बाद वहीं पर उसका दाह संस्कार कर दिया।मोस्ट वांटेड प्रमोद कुमार सिंह का महाराजगंज अनुमंडल में अपराधिक घटनाओं को लेकर ऐसा दबदबा था कि हमेशा व्यवसाई वर्ग खौफजदा रहते थे। हाल ही के दिनों में गिरफ्तार सुबोध कुमार सिंह एसीजीएम-5 के न्यायालय में फर्जीवाड़ा कर सुर्खियों में एक बार पुनः आ गया।इस फर्जीवाड़ा की प्राथमिकी न्यायालय के क्लर्क संजीव कुमार के लिखित तहरीर पर एक महीने पूर्व सिवान नगर थाने में दर्ज कराई गई थी।

इस मामले में इसके एक रिश्तेदार गोपालगंज जिले के हरदियां थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर निवासी भृगुनाथ सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।मामला यह था कि इस कोर्ट में सुबोध सिंह को सरेंडर करना था लेकिन सुबोध सिंह ने अपने जगह पर अपने एक रिश्तेदार भृगुनाथ सिंह को उपस्थित कर दिया था।इस दौरान आधार कार्ड से मिलान करने पर वह पकड़ा गया।जांच में यह पाया गया था कि करीबी रिश्तेदारी के चलते भृगुनाथ सिंह ने सुबोध के बदले माननीय न्यायालय में नाम बदल कर सरेंडर किया है। इस संदर्भ में जीबी नगर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर मिहिर कुमार ने बताया कि जीबी नगर थाना कांड संख्या 105/2000 में सुबोध कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायायिक हिरासत में भेजा गया है।

