✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
साइड लेने के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पथराव और फायरिंग के आरोप से मचा हड़कंप
- चंदन सिंह और डब्लू खान का रहा है आपराधिक इतिहास : पुलिस
- टेम्पू-स्कॉर्पियो टक्कर के बाद विवाद हुआ हिंसक
- डब्लू खान के समर्थकों पर भीड़ को उकसाने का आरोप
- पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, इलाज जारी
- फायरिंग के आरोप से मामला और गंभीर, जांच जारी
सीवान। जिले के एम.एच. नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी में एक मामूली सड़क विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसमें स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना 5 अप्रैल 2026 की संध्या करीब 6:30 बजे की है, जब टेम्पू और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते उग्र झड़प में बदल गई। इस दौरान टेम्पू चालक के पक्ष में कुछ स्थानीय ग्रामीण एकजुट हो गए और स्कॉर्पियो पर ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उग्र भीड़ में डब्लू खान और उनके समर्थक शामिल थे, जिनके इशारे पर मामूली विवाद को हिंसक रूप दिया गया। इस घटना में डब्लू खान की भूमिका को पुलिस गंभीरता से जांच रही है।
सूचना मिलते ही एम.एच. नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर भी पथराव किया गया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एम.एच. नगर में कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में चंदन सिंह अपने सहयोगियों के साथ सवार थे। दोनों पक्षों के बीच पूर्व से राजनीतिक विवाद होने की बात भी सामने आई है। साथ ही, चंदन सिंह और डब्लू खान दोनों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, सिवान एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विधि-सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं, टेम्पू चालक ने आरोप लगाया है कि चंदन सिंह और उसके साथियों द्वारा उस पर फायरिंग भी की गई। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस सतर्कता बरत रही है।
आपको बता दें कि डब्लू खान सिवान के पूर्व सांसद मरहूम मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार का करीबी बताया जाता है, जिसे लेकर यह मामला और भी राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गया है।


