✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
एक बदमाश गिरफ्तार, पांच संदिग्धों से पूछताछ जारी
सिवान : जीरादेई थाना क्षेत्र के जामापुर बाजार स्थित ओम साईं बर्तन भंडार में हुई लगभग 20 लाख रुपये के आभूषण लूट मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम मैरवा एसडीपीओ Gauri Kumari के नेतृत्व में कार्य कर रही है।
जानकारी के अनुसार छह मई की दोपहर तीन बाइक पर सवार छह हथियारबंद बदमाशों ने जामापुर बाजार स्थित ज्वेलरी दुकान में घुसकर हथियार के बल पर लगभग 20 लाख रुपये के आभूषण की लूट कर ली थी। घटना के दौरान इलाके में दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने फायरिंग भी की थी।
एसपी ने बताया कि घटना के समय स्थानीय व्यवसायियों की सतर्कता के कारण एक बदमाश को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सिसवन थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी गोलू कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज कराया जा रहा है।
एसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाश की निशानदेही पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अन्य संलिप्त बदमाशों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए रघुनाथपुर, सिसवन, चौनपुर एवं अंसाव थाना क्षेत्रों में चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने पांच संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटनास्थल से पुलिस ने एक खाली मैगजीन, एक जिंदा कारतूस तथा दो खोखा बरामद किया है। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की गहन जांच, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
इधर, लूट की घटना से नाराज ग्रामीणों और दुकानदारों का आक्रोश दूसरे दिन भी देखने को मिला। गुरुवार को लोगों ने जीरादेई-जामापुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और व्यवसायियों ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, लूटे गए आभूषण की बरामदगी, दुकानदारों की सुरक्षा तथा इलाके में स्थायी पुलिस पिकेट की मांग की।
सड़क जाम की सूचना मिलने पर जीरादेई थानाध्यक्ष राहुल तिवारी मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें दुकानदारों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक अपराधियों की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाद में थानाध्यक्ष द्वारा दो दिनों के भीतर मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण और दुकानदार शांत हुए तथा सड़क जाम समाप्त किया गया।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी में जुटी हुई हैं और पूरे मामले के शीघ्र खुलासे का दावा किया जा रहा है।

