✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा, कृष्ण लीला का भव्य आयोजन
गुठनी (सीवान) : प्रखंड के ओदिखोर गांव में चल रहे श्रीशतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन भव्य कृष्ण लीला का मंचन हुआ, जिसमें कलाकारों ने जालंधर वध की कथा को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इस दौरान दर्शाया गया कि सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के मानस पुत्र नारद ने देवराज इंद्र को उकसाकर भगवान शिव से उनका राज्य मांगने के लिए भेजा। शिवजी ने पहले तो इंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं माने, तो उनके क्रोध से जालंधर की उत्पत्ति हुई।
जालंधर ने कठोर तपस्या कर अजेय शक्तियां प्राप्त कर लीं और युद्ध में इंद्र सहित सभी देवताओं को परास्त कर दिया। अंततः भगवान विष्णु ने अपनी लीलाओं के माध्यम से जालंधर का वध कर दिया। जालंधर की पत्नी वृंदा ने भगवान को पत्थर होने का शाप दिया, जिससे भगवान शालिग्राम के रूप में पूजे जाने लगे। वहीं, देवी लक्ष्मी ने वृंदा को काष्ठ होने का शाप दिया, जिससे वह तुलसी के रूप में धरती पर विद्यमान हो गईं। तब से भगवान शालिग्राम का भोग तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है।
इस अद्भुत मंचन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ज्ञात हो कि ओदिखोर निवासी प्रसिद्ध लकड़ीहवा बाबा के दृढ़ संकल्प से यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। चौथे दिन रासलीला का शुभारंभ ज्ञान भैरव ग्लोबल स्कूल के प्रबंध निदेशक एनडी मिश्रा और सामाजिक कार्यकर्ता बसंत शर्मा ने राधा-कृष्ण की पूजा और आरती से किया।
यज्ञ को सफल बनाने में पूर्व मुखिया हरिवंश रजक, बसंत शर्मा, कमलेश गुप्ता, बलिराम प्रसाद, अवध किशोर शर्मा, राधामोहन पासवान, प्रदीप कुशवाहा, रामेश्वर शर्मा, अनिकेत शर्मा उर्फ छोटू, भगराशन भगत, मनोज सिंह, रमेश पटेल समेत कई श्रद्धालु सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

