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August 5, 2026 12:12 pm

गुठनी : गरीब महिला की आत्महत्या: माइक्रोफाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना ने ली जान, कांग्रेस ने की न्याय की मांग

गरीब महिला की आत्महत्या: माइक्रोफाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना ने ली जान, कांग्रेस ने की न्याय की मांग
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से मिलकर जताया शोक, 25 लाख मुआवजे और कंपनी पर कार्रवाई की मांग

गुठनी (सिवान) : गुठनी प्रखंड के मिश्ररौली गांव में माइक्रोफाइनेंस कंपनी के अत्यधिक दबाव और कथित बर्बरता से आहत एक गरीब महिला सुशीला देवी ने आत्महत्या कर ली। इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे एक गरीब महिला के आत्मसम्मान और जीवन के साथ क्रूर मज़ाक बताया है।

सुशीला देवी ने मुथूट माइक्रोफाइनेंस लिमिटेड से ₹65,000 का कर्ज लिया था, जिसकी मासिक किस्त ₹2,570 थी। आर्थिक तंगी के चलते वह जून माह की किस्त नहीं चुका सकी। शनिवार को जब कंपनी के तीन कर्मी पैसे की वसूली के लिए पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाया, तो आहत होकर सुशीला देवी ने छत पर जाकर फंदे से झूलकर जान दे दी।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जताया विरोध, की कड़ी मांगें
इस घटना को लेकर कांग्रेस का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मृतका के गांव पहुंचा और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जवाहर राम ने किया।

प्रतिनिधिमंडल में डॉ. केशव तिवारी, रुदल बागी, शशि कुमार, धर्मेंद्र साह, गुलाब रसूल, सद्दाम हुसैन, मुकेश राम, दीपक राम, गौरी यादव समेत अन्य शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें:

  • मुथूट माइक्रोफाइनेंस कंपनी और दोषी रिकवरी एजेंटों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
  • मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये का सरकारी मुआवजा दिया जाए।
  • माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की वसूली प्रक्रिया पर नियमन और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
  • गरीबों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और सहानुभूति की नीति अपनाई जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से अपील की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त कदम उठाए जाएं।

 

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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