हसनपुरा : मोहर्रम माह के दूसरे दिन चौक-इमामबाड़े में उमड़ी भीड़
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
हसनपुरा, उसरी खुर्द व मंद्रापाली में गम-ए-हुसैन के तहत मजलिसों और मातम का सिलसिला शुरू
हसनपुरा (सिवान) : मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र मोहर्रम माह का आगाज हो चुका है। शनिवार को मोहर्रम के दूसरे दिन प्रखंड व नगर पंचायत क्षेत्रों में इस्लामी परंपराओं के अनुसार गम-ए-हुसैन मनाने का सिलसिला आरंभ हो गया है। हसनपुरा, उसरी खुर्द व मंद्रापाली समेत कई इलाकों में इमामबाड़ों में मजलिसें, मातम और नौहा की गूंज सुनाई दे रही है।
चौक, इमामबाड़े और अन्य चौक-चौराहों को भव्य रूप से सजाया गया है। साफ-सफाई के बाद रंग-बिरंगी रोशनी में नहाए इन स्थलों पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ रही है।
प्रखंड क्षेत्र में कई स्थानों पर ताजिये बनना शुरू हो गए हैं। मजलिसों में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर लोग आंसू बहा रहे हैं। चौक-चौराहों पर नजर (नजराना) देने और अलम के सामने श्रद्धा से सिर झुकाने वालों की भीड़ लगी हुई है।
इमाम हुसैन की शहादत बनी अमर बलिदान की मिसाल
कर्बला की लड़ाई मानव इतिहास की ऐसी अनूठी जंग रही, जिसमें इमाम हुसैन ने यजीद के अत्याचार के खिलाफ सिर झुकाने से इनकार कर दिया। उनका बलिदान आज भी इंसानियत, हिम्मत और सच्चाई की राह पर चलने वालों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
पहली मोहर्रम से दसवीं मोहर्रम तक विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन जारी रहेगा। इन दिनों में ताजिया, अलम और निशान के जुलूस भी निकाले जाएंगे, जिसमें क्षेत्र के अकीदतमंद बड़ी संख्या में भाग लेंगे।