✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
सीवान: शहर स्थित सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1586 मामलों का निष्पादन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस अदालत में विभिन्न विवादों को सुलझाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार ने किया। उन्होंने इसे मामलों के निष्पादन का महापर्व बताते हुए कहा कि इससे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव है और सभी को इसमें भागीदार बनना चाहिए। जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और कहा कि लोक अदालत के माध्यम से अधिकतम मामलों के निपटारे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और लोग बेवजह कानूनी विवादों में न उलझें।
14 न्यायिक बेंचों ने किया सुनवाई और निष्पादन
लोक अदालत में कुल 14 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था, जहां कई महत्वपूर्ण मामलों का निष्पादन हुआ। प्रत्येक बेंच की अध्यक्षता अपर जिला न्यायाधीश उमाशंकर, अमित कुमार पांडेय, मनीष कुमार पांडेय, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार पांडेय, हेमंत कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष राय, कमलेश कुमार सिंह, शिवम प्रताप सिंह, आशुतोष गौतम एवं विकास कुमार ने की। उनके सहयोग के लिए पैनल अधिवक्ताओं में मनोज कुमार सिंह, रोहित कुमार, अनिल कुमार सिंह, ईश्वर चंद्र महाराज, अनिल मणि त्रिपाठी, अमित कुमार सिंह, हाकिम गिरि, कुमार राजीव रंजन, जीवनाथ पाठक, त्रिलोकीनाथ पांडेय, प्रेमचंद महाराज, सुशील कुमार चतुर्वेदी, उत्तम कुमार सिंह एवं प्रमोद रंजन गिरि उपस्थित रहे।
पक्षकारों को वीडियो कॉलिंग से भी मिला न्याय
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार और प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने व्यक्तिगत रूप से निष्पादन प्रक्रिया की निगरानी की और मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लोक अदालत के पेशकार रंजीत दुबे, दीपक मिश्रा, अतुल कुमार, जयप्रकाश प्रसाद, बलवंत कुमार, सुनीति श्रीवास्तव एवं मनीष कुमार ने निष्पादन योग्य मामलों की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया।
इस बार की लोक अदालत में वीडियो कॉलिंग के माध्यम से भी मामलों का निपटारा किया गया, जिससे दूरदराज के पक्षकार भी अपने मामलों को सुलझाने में सफल रहे। समापन सत्र में प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार ने इस आयोजन से जुड़े सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को साधुवाद दिया।