✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
रेल यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर रेलवे का बड़ा कदम
अब ट्रेन में सफर के दौरान यात्री अपने स्मार्टफोन से असली और नकली वेंडरों की पहचान कर सकेंगे। भारतीय रेलवे ने सभी कैटरिंग ठेकेदारों के वेंडरों और सहायकों के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत, जब यात्री क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, तो उनके मोबाइल स्क्रीन पर वेंडर का नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ठेकेदार की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था बेडरोल आपूर्ति करने वाले कोच सहायकों और ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ पर भी लागू होगी।
अवैध वेंडर बने खतरा
चलती ट्रेन और स्टेशनों पर अवैध वेंडर यात्रियों को खराब गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक, स्नैक्स और चाय-कॉफी बेचकर चंपत हो जाते हैं। इनकी वजह से न केवल रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की सेहत को भी खतरा रहता है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
डीसीआई विशाल कुमार सिंह ने बताया कि कैटरिंग ठेकेदारों के वेंडरों और सहायकों के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र अनिवार्य किया जा रहा है। इस पर अभी काम जारी है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।