धीमी रफ्तार से सीएमआर आपूर्ति पर सख्त हुए डीएम, जांच के लिए गठित हुई टीमें
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
15 जून तक सीएमआर लक्ष्य पूरा करने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर, दोषी राइस मिलरों पर होगी कार्रवाई
सिवान: जिले में सीएमआर (Custom Milled Rice) आपूर्ति की धीमी प्रगति को देखते हुए जिला पदाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश ने सख्त रुख अपनाते हुए उसना राइस मिलों की जांच हेतु विभिन्न दलों का गठन कर दिया है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला अधिप्राप्ति टास्क फोर्स की बैठक उनकी अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि 15 जून तक निर्धारित लक्ष्य 2247.97 मीट्रिक टन के विरुद्ध अब तक सिर्फ 1490 मीट्रिक टन सीएमआर की प्राप्ति हुई है। खासकर सात उसना राइस मिलों की आपूर्ति दर अत्यंत कम रही है।
राज्य स्तर पर सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है। ऐसे में लक्ष्य की पूर्ति न होने पर राज्य स्तरीय स्तर पर जिले को दंड भुगतना पड़ सकता है।
डीएम ने निर्देश दिया कि जिन मिलरों की आपूर्ति दर कम है, उनकी जांच जिला स्तरीय अधिकारी मौके पर जाकर करें। जांच दल को स्पष्ट कारणों का उल्लेख करते हुए संध्या तक प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही सीएमआर संग्रहण केंद्रों की भी जांच हेतु अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, वरिष्ठ उप समाहर्ता अधिप्राप्ति, राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक, जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी समेत अधिप्राप्ति टास्क फोर्स के सदस्यगण उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूर्ति नहीं करने वाले राइस मिलरों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।